--Advertisements--

*जल संचय जन भागीदारी 2.0 में रायगढ़ की बड़ी उपलब्धि*

By Roshan Yadav

August 22, 2026

*जल संचय जन भागीदारी 2.0 में रायगढ़ की बड़ी उपलब्धि*

*31,157 जल संरक्षण कार्यों में से 29,947 कार्य पूर्ण, 1,210 कार्य प्रगतिरत*

*वीबी-जीराम जी एवं मनरेगा के माध्यम से 1,332 जल संरक्षण कार्यों को मिला विशेष बल*

रायगढ़, 22 अगस्त 2026/ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल संवर्धन को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में रायगढ़ जिले ने जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) 2.0 के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा कुल 31,157 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य दर्ज किए गए हैं। इनमें से 29,947 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1,210 कार्य प्रगतिरत हैं। यह उपलब्धि जिले में जल संरक्षण के प्रति विभागीय समन्वय, ग्राम स्तर पर कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनभागीदारी की मजबूत भावना को प्रदर्शित करती है।

*विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी*

जेएसजेबी 2.0 के अंतर्गत जिला पंचायत, वन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, उद्योग विभाग, नगरीय निकाय एवं जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों ने जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्ट के अनुसार जिला पंचायत द्वारा सर्वाधिक 22,906 कार्य दर्ज किए गए, जिनमें 21,929 कार्य पूर्ण हैं। वन मंडल रायगढ़ द्वारा 3,971, वन मंडल धरमजयगढ़ द्वारा 2,342, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 1,185, नगर निगम द्वारा 328 तथा जल संसाधन विभाग के रायगढ़ एवं धरमजयगढ़ संभाग द्वारा क्रमशः 92 एवं 102 कार्य दर्ज किए गए।

*वीबी-जीराम जी और मनरेगा से जल संरक्षण को मिला बल*

ग्राम स्तर पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए वीबी-जीराम जी एवं मनरेगा के माध्यम से कुल 1,332 जल संरक्षण कार्य लिए गए हैं। इनमें वीबी-जीराम जी के अंतर्गत 757 कार्य तथा मनरेगा के अंतर्गत 575 कार्य शामिल हैं। इन कार्यों में 509 रिचार्ज पिट/सोक पिट, 92 लूज बोल्डर चेक डैम, 66 वर्षा जल संचयन संरचनाएं, 55 तालाब गहरीकरण/सफाई से संबंधित कार्य, 36 ट्रेंच एवं जल अवशोषण खाई कार्य, 32 गैबियन संरचनाएं, 21 अर्थन गली प्लग, 36 सैंड फिल्टर फॉर बोरवेल, 251 पौधरोपण तथा अन्य जल संरक्षण एवं हरित विकास कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अजीविका डबरी के 114 कार्य, नाला सफाई के 66 कार्य, नावा तरिया के 23 कार्य, परकोलेशन टैंक, खुले कुएं, कच्ची नाली एवं अन्य संरचनात्मक कार्य भी जल संरक्षण की व्यापक रणनीति का हिस्सा रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से वर्षा जल को गांवों में अधिक से अधिक रोकने, भू-जल पुनर्भरण बढ़ाने, जल स्रोतों की क्षमता एवं उपयोगिता बनाए रखने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

*अब जेएसजेबी 3.0 में रायगढ़ का नया संकल्प*

जेएसजेबी 2.0 की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए अब रायगढ़ जिला जेएसजेबी 3.0 जल संचयन जन भागीदारी-कैच द रेन अभियान में भी सक्रिय रूप से भागीदारी करेगा। जेएसजेबी 3.0 के अंतर्गत जिले में केवल नई जल संरचनाओं के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि पूर्व में निर्मित जल संरचनाओं के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं प्रभावी उपयोग, वर्षा जल के अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा जल स्रोतों की दीर्घकालिक सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जल आवश्यकता एवं जल उपलब्धता के आधार पर कार्यों की पहचान कर तालाब, डबरी, नाला, कुआं, जल संचयन एवं रिचार्ज संरचनाओं के संरक्षण और सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका, कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा।

*हर बूंद का संचयन, जल स्रोतों का संरक्षण*

रायगढ़ जिला जेएसजेबी 3.0 के माध्यम से कैच द रेन की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाते हुए जल संरक्षण को केवल विभागीय गतिविधि न रखकर जनभागीदारी का स्थायी अभियान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। जेएसजेबी 2.0 में हासिल उपलब्धियों के आधार पर अब जेएसजेबी 3.0 में रायगढ़ का लक्ष्य स्पष्ट है। “हर बूंद को सहेजना, हर जल स्रोत को संवारना और हर गांव को जल सुरक्षा की ओर बढ़ाना। जल संरक्षण के इन प्रयासों में ग्राम पंचायतों, ग्रामीणों, महिला समूहों, युवाओं, किसानों एवं विभिन्न विभागों की सहभागिता से रायगढ़ जिले में जल जीवन एवं जल संरक्षण की मजबूत आधारशिला तैयार की जाएगी।

Roshan Yadav

Owner/Editor Chhattisgarh24.in Mo. 8225950078

Leave a Comment

Discover more from chhattisgarh24.in

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading