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बेरीवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ, गौरी शंकर मंदिर से अग्रोहा भवन तक निकली कलश यात्रा

By Roshan Yadav

September 14, 2026

बेरीवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ, गौरी शंकर मंदिर से अग्रोहा भवन तक निकली कलश यात्रा

 

*राधा भक्ति में मन लगाकर पापरहित जीवन जिएं, धन कमाएं और जनसेवा में लगाएं : पं. ओमप्रकाश शर्मा*

 

बेरीवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ, गौरी शंकर मंदिर से अग्रोहा भवन तक निकली कलश यात्रा

रायगढ़। बेरीवाल परिवार द्वारा पितृमोक्षार्थ श्री गयाजी श्राद्ध निमित्त आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार को धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। सुबह 8:30 बजे गौरी शंकर मंदिर से अग्रोहा भवन तक श्रीभागवत भगवान का आगमन एवं कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कलश यात्रा में सहभागिता की। अग्रोहा भवन पहुंचने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।

 

दोपहर 3 बजे से कथा वाचक पंडित श्री ओमप्रकाश शर्मा के श्रीमुख से परिवारजनों एवं भक्तजनों ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान किया। कथा के प्रथम दिवस श्रीगणेश पूजन, श्रीमद्भागवत माहात्म्य, मंगलाचरण, सूत-शौनकादि ऋषियों का संवाद तथा भगवान के 24 अवतारों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया।

 

*राधा भक्ति में खोकर जीवन को बनाएं सार्थक*

कथा के दौरान पंडित ओमप्रकाश शर्मा ने जीवन को आध्यात्मिक एवं सार्थक बनाने का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भगवान की भक्ति को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए। राधा भक्ति में मन को रमाकर जीवन को पवित्र बनाना चाहिए तथा पापरहित जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि धन कमाना गलत नहीं है, लेकिन धन का सदुपयोग समाज और जरूरतमंदों की सेवा में होना चाहिए। व्यक्ति ईमानदारी और परिश्रम से धन अर्जित करे तथा उस धन का कुछ हिस्सा जनसेवा, जरूरतमंदों की सहायता और धार्मिक कार्यों में लगाए। भक्ति, सदाचार और सेवा से जुड़ा जीवन ही मनुष्य के जीवन को वास्तविक अर्थों में सार्थक बनाता है।

 

इस अवसर पर बेरीवाल परिवार के शंभूदयाल बेरीवाल, प्रमोद कुमार ,विनोद कुमार, संजय पल्लू बेरीवाल, अजय, विजय, दिग्विजय,अनीश, विकास आकाश सहित सभी परिवार जनों ने सभी भक्तजनों से श्रीमद्भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कथा श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।

कथा के दौरान अग्रोहा भवन का वातावरण भक्तिमय रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान की कथा का श्रवण करने पहुंचे।

 

कथा के दूसरे दिन 14 सितंबर को दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक पंडित श्री ओमप्रकाश शर्मा के श्रीमुख से भीष्म-पाण्डवादि का चरित्र, परीक्षित जन्म, श्रीशुकदेव प्राकट्य, परीक्षित-श्रीशुकदेव संवाद, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र तथा जड़भरत उपाख्यान का विस्तारपूर्वक वर्णन किया जाएगा।

Roshan Yadav

Owner/Editor Chhattisgarh24.in Mo. 8225950078

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